राम फेर यादव सुल्तानपुर: सुल्तानपुर के कुंडा भैंरोपुर गांव के रहने वाले 96 साल के राम फेर यादव ने अपनी शादी का दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए बताया कि वह महज 13 साल की उम्र में दूल्हा बनकर बैलगाड़ी पर सवार होकर गए थे, जहां उनकी बारात दो दिनों तक रुकी थी. संगीत के बेहद शौकीन राम फेर आज भी पारंपरिक गाने गुनगुनाते हैं, जिन्हें सुनने के लिए लोग उन्हें कई दिनों तक रोके रखते थे। वह अपनी दिवंगत पत्नी सावित्री को याद करके भावुक हो जाते हैं, जिनकी 4 साल पहले मृत्यु हो गई थी, लेकिन राम फेर मानते हैं कि सावित्री के प्यार ने उन्हें कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। आज दो बेटों और दो बेटियों के भरे-पूरे और समृद्ध परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे राम फेर का लक्ष्य अब अपनी बाकी जिंदगी हंसी-मजाक और घूमने-फिरने में बिताने का है।
बैलगाड़ी पर बारात, 25 बारातें और 2 दिन का जश्न, सुल्तानपुर के बुजुर्ग राम फेर ने सुनाई अपनी 83 साल पुरानी शादी की दिलचस्प कहानी.












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