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डेहरी ऑन सोन के वार्ड संख्या 24 स्थित जक्की बिगहा में पिछले कई वर्षों से नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरा इलाका नाले में तब्दील हो गया है. स्थानीय लोग अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और लोगों को उम्मीद है कि इस अनोखे विरोध प्रदर्शन से प्रशासन हिल जाएगा और उन्हें जल्द ही इस नारकीय स्थिति से राहत मिलेगी.
रोहतास. चेहरे पर निराशा, गले में फूलों की माला और पैरों के नीचे बहता नाली का गंदा पानी। डेहरी ऑन सोन के वार्ड नंबर 24 के जक्की बिगहा का यह दृश्य एक प्रतीकात्मक विरोध से कहीं ज्यादा इलाके की बदहाल जिंदगी की सच्ची तस्वीर है. यहां सड़कों पर नाली का पानी बहना अब अपवाद नहीं बल्कि रोजमर्रा की हकीकत है। यह समस्या पिछले कई वर्षों से जस की तस बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की लापरवाही ने स्थिति को और भी भयावह बना दिया है।
नालियों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है और पूरे मोहल्ले को बदबू और गंदगी से भर देता है. तेज दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह दरवाजा खोलते ही इतनी दुर्गंध आती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है. बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है जब नाली का पानी घरों में घुस जाता है और सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो जाती हैं।
बीमारियों का खतरा सिर पर मंडरा रहा है
इस गंदगी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। जमा पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और क्षेत्र में बुखार, त्वचा रोग और पेट संबंधी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। अभिभावक बच्चों को बाहर खेलने से रोक रहे हैं, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि उनके सिर पर हमेशा बीमारियों का डर मंडराता रहता है.
प्रशासनिक उदासीनता से नाराज सामाजिक कार्यकर्ता शिव गांधी ने विरोध का अनोखा और चौंकाने वाला तरीका अपनाया है. उन्होंने नाले के बहते पानी के बीच टेबल-कुर्सियां लगाकर धरना शुरू कर दिया है और गले में फूलों की माला पहनकर बैठ गए हैं. यह माला सम्मान नहीं बल्कि व्यवस्था पर कटाक्ष है। यह दिखाने के लिए कि जिस समस्या को फाइलों में छोटी बताया जा रहा है वह जमीनी स्तर पर कितनी गंभीर है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
शिव गांधी का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद व प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गये हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जब तक प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी खुद मौके पर आकर स्थिति की तुरंत जांच नहीं करते और समाधान की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे.
गांधी को स्थानीय लोगों का भी खुला समर्थन मिल रहा है. आसपास के लोग मौके पर पहुंचकर अपना दर्द साझा कर रहे हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि जक्की बिगहा वार्ड नंबर 24 के लोग अब दुर्गंध, गंदगी और बीमारी के खतरे के बीच रहने को मजबूर नहीं होना चाहते.
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पत्रकारिता में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव। 2023 से नेटवर्क 18 के साथ जुड़े हुए मुझे ढाई साल हो गए हैं। वर्तमान में नेटवर्क 18 में वरिष्ठ कंटेंट एडिटर के रूप में काम कर रहा हूं। यहां, मैं कवर हूं…और पढ़ें











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