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एक चीनी ब्लॉगर ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे और सिम कार्ड से करीब 191 ग्राम सोना निकालकर सभी को हैरान कर दिया है। हालांकि, सोने के कैरेट का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन अगर यह 24 कैरेट है तो इसकी कीमत 31 लाख रुपये से ज्यादा होगी। ऐसे में लड़का रातों-रात करोड़पति बन गया.

आज के डिजिटल युग में जिसे हम ‘कचरा’ समझकर फेंक देते हैं, क्या आपने कभी सोचा है कि इसके भीतर कोई अनमोल खजाना छिपा हो सकता है? सुनकर हैरानी हो सकती है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। ऐसा ही एक मामला चीन के गुआंग्डोंग में सामने आया है, जहां एक ब्लॉगर ने हाल ही में सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) को लेकर एक ऐसा प्रयोग किया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस ब्लॉगर ने दावा किया है कि उसने हजारों बेकार सिम कार्ड और संचार चिप्स को परिष्कृत करके 191.73 ग्राम शुद्ध सोना निकाला है। अगर शुद्धता का पैमाना 24 कैरेट है तो आज की तारीख में इसकी कीमत 31 लाख रुपये से भी ज्यादा है। इस व्लॉगर (चिप अल्केमी) के वीडियो ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, लेकिन इसके पीछे की हकीकत और खतरे और भी चौंकाने वाले हैं।
ब्लॉगर द्वारा साझा किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे उसने रसायनों और एसिड की मदद से सिम कार्ड के छोटे टुकड़ों से सोना अलग किया। वीडियो में ‘एसिड’ और बिजली के झटके जैसे खतरनाक वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. एक यूजर ने लिखा, “दस साल तक काम करने से बेहतर है कि एक साल तक कबाड़ इकट्ठा किया जाए।” कई लोग तो ब्लॉगर से इस खतरनाक तकनीक को सीखने के लिए उसका ‘शिष्य’ बनने की पेशकश भी करने लगे। लोग यह जानकर हैरान रह गए कि उनके फोन में लगा एक छोटा सा सिम कार्ड सोना उगल सकता है। हालाँकि, इस चमकदार दावे के पीछे एक तकनीकी पेंच है। वीडियो देखने के बाद विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि सिम कार्ड में सोने की मात्रा नगण्य है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एक सिम कार्ड चिप में एक ग्राम सोना होता है। इसके मुताबिक 191 ग्राम सोना निकालने के लिए करीब 4 लाख सिम कार्ड की जरूरत होगी. विवाद बढ़ता देख ब्लॉगर ने बाद में स्वीकार किया कि उसने सिर्फ ‘सामान्य सिम कार्ड’ का इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सोना टेलीकॉम सेक्टर से निकलने वाले पुराने और विशेष प्रकार के कचरे से निकाला गया था, जिस पर सोने की अच्छी परत चढ़ी हुई थी। स्पष्ट करते हुए ब्लॉगर ने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह घर बैठे सिम कार्ड से सोना निकालने का कोई साधारण खेल नहीं है। दरअसल, बेकार इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं से कीमती धातुएं निकालना एक पेशेवर काम है। मेरे वीडियो का असली उद्देश्य सिर्फ यह दिखाना था कि जो कचरा हम फेंक देते हैं उसकी कितनी कीमत हो सकती है। मैं कोई झूठी अफवाह या सनसनीखेज नहीं फैलाना चाहता था।”
ब्लॉगर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस क्षेत्र में वर्षों तक काम किया है और उनके पास इस कचरे को परिष्कृत करने के लिए सही ज्ञान और आवश्यक उपकरण थे। इस वीडियो के प्रभाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि सिम कार्ड या चिप्स से सोना निकालने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन घातक हो सकते हैं। इस प्रक्रिया में निकलने वाली जहरीली गैसें न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं बल्कि आसपास के वातावरण को भी बुरी तरह प्रदूषित कर सकती हैं। बिना किसी सुरक्षा उपकरण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के घर पर ऐसा प्रयोग करना किसी बड़ी दुर्घटना या मौत को दावत देने जैसा है। यह मामला बताता है कि इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट) दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या और अवसर दोनों है। जहां सही तकनीक से इसमें छिपी बहुमूल्य धातुओं को निकाला जा सकता है, वहीं गलत प्रयोग पर्यावरण के लिए जहर बन सकता है।
लेखक के बारे में
न्यूज18 हिंदी (नेटवर्क 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत। इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रीजनल सिनेमा के प्रभारी। डेढ़ दशक से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय। नेटवर्क 18, टाइम्स ग्रुप के अलावा…और पढ़ें











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