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ब्राजील में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां पैरामेडिक ने एक महिला को मृत समझकर कंबल से ढक दिया, लेकिन जैसे ही दूसरा डॉक्टर आया तो उसकी सांसें चलने लगीं। अब वह अस्पताल में मौत को मात दे रही हैं.

दुनिया में कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जिन्हें ‘चमत्कार’ के अलावा कोई और नाम नहीं दिया जा सकता। ऐसी ही एक चौंकाने वाली खबर ब्राजील के साओ पाउलो से आई है, जहां एक महिला को सड़क दुर्घटना के बाद डॉक्टरों ने मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। उन्हें कफन (पन्नी कंबल) से ढका गया था और उनके परिवार को भी उनकी मौत की सूचना दे दी गई थी. लेकिन जब उसे मुर्दाघर ले जाने की तैयारी की जा रही थी तो कुछ ऐसा हुआ कि वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. फर्नांडा क्रिस्टीना पोलिकारपो नाम की यह महिला न सिर्फ यमराज के पास से जिंदा लौट आई, बल्कि अब वह अस्पताल में तेजी से ठीक भी हो रही है। यह पूरी घटना 18 जनवरी की है, जब एसपी-294 मोटरवे पर फर्नांडा को एक कार ने टक्कर मार दी थी.
आपको बता दें कि ये टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि फर्नांडा बीच सड़क पर गिर गईं. ‘सामू’ एम्बुलेंस सेवा का एक पैरामेडिक मौके पर पहुंचा और प्रारंभिक जांच के बाद फर्नांडा को मृत घोषित कर दिया। प्रोटोकॉल के मुताबिक, उनके शरीर को सिल्वर फ़ॉइल कंबल से ढक दिया गया ताकि उसे शवगृह में भेजा जा सके। जब यह खबर फर्नांडा की मां एड्रियाना को मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. एक मां के लिए अपनी जवान बेटी को खोने के गम से बड़ा कुछ नहीं हो सकता, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हादसे के कुछ ही देर बाद एक अन्य पैरामेडिक वहां पहुंचा. उनका काम शव को वहां से हटाने में मदद करना था. लेकिन जैसे ही वह फर्नांडा के पास गया और उसे देखा, तो उसे एहसास हुआ कि इतनी गंभीर चोटों के बावजूद, फर्नांडा अभी भी सांस ले रही थी।
बिना एक पल भी बर्बाद किये वह तुरंत उन्हें जीवित रखने की कोशिश में लग गया। फर्नांडा को तुरंत नजदीकी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया। 20 जनवरी की शाम को अस्पताल ने बुलेटिन जारी कर बताया कि फर्नांडा की सेहत में इतना सुधार हो गया है कि आने वाले दिनों में उनकी श्वास नली को हटाया जा सकता है. न्यूरोसर्जरी टीम ने धीरे-धीरे उनकी एनेस्थेटिक दवाएं कम करना शुरू कर दिया है, ताकि उन्हें वापस होश में लाया जा सके। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि फर्नांडा की हालत अब स्थिर है और वे जांच कर रहे हैं कि क्या वह बिना वेंटिलेटर के सांस ले सकती हैं। इस घटना ने जहां एक ओर फर्नांडा के परिवार को नई जिंदगी की उम्मीद दी है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा व्यवस्था की घोर लापरवाही को भी उजागर किया है.
फर्नांडा की मां एड्रियाना ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा, “मेरी बेटी घंटों तक सड़क पर लावारिस पड़ी रही। अगर उसे समय पर इलाज मिलता तो उसकी हालत इतनी गंभीर नहीं होती। सिर की चोट बहुत खतरनाक है और देरी से स्थिति और खराब हो गई।” इस बड़ी चूक के बाद ‘सामू’ एम्बुलेंस सेवा ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है और फर्नांडा को मृत घोषित करने वाले पैरामेडिक को निलंबित कर दिया है। बाउरू काउंसिल भी इस मामले की गहनता से जांच कर रही है. दूसरी ओर, फर्नांडा को टक्कर मारने वाले कार चालक का दावा है कि फर्नांडा अचानक सड़क पर आ गई थी, जिसके कारण उसे ब्रेक मारने का समय नहीं मिला। पुलिस फिलहाल लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में उनसे पूछताछ कर रही है.
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न्यूज18 हिंदी (नेटवर्क 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत। इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रीजनल सिनेमा के प्रभारी। डेढ़ दशक से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय। नेटवर्क 18, टाइम्स ग्रुप के अलावा…और पढ़ें











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