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दक्षिण अमेरिका में मिला 12,000 साल पुराना कंकाल वैज्ञानिकों को हैरान कर रहा है. ‘मैन ऑफ लॉस विलोस’ न केवल पूरी तरह से स्वस्थ था, बल्कि उसके दांत भी बहुत मजबूत थे और वह एक टूटी हुई पसली को भी ठीक करने में कामयाब रहा था। इस खुलासे ने सभी को चौंका दिया.

इतिहास के पन्नों में कई ऐसे रहस्य दबे हुए हैं, जिन्हें आज की आधुनिक तकनीक धीरे-धीरे उजागर कर रही है। हम अक्सर सोचते हैं कि हजारों साल पहले इंसान कमजोर या बीमार रहा होगा, लेकिन हाल ही में हुई एक खोज ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। वैज्ञानिकों को एक ऐसे व्यक्ति का कंकाल मिला है जो लगभग 12,000 साल पहले पृथ्वी पर रहता था। हैरानी की बात तो ये है कि उस शख्स की ना सिर्फ सेहत बेहतर थी बल्कि उसके दांत आज के इंसानों से भी ज्यादा मजबूत थे. यह दक्षिण अमेरिका में अब तक मिला सबसे पुराना मानव कंकाल है, जिसे ‘मैन ऑफ लॉस विलोस’ नाम दिया गया है। पुरातत्वविद् सीजर मेंडेज़ के अनुसार, यह कंकाल चिली के कोक्विम्बो क्षेत्र में ‘लॉस रियल्स’ नामक पुरातात्विक स्थल पर खोजा गया था।
दिलचस्प बात यह है कि यह खोज किसी नियोजित खुदाई का हिस्सा नहीं थी, बल्कि सीवेज पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान अचानक सामने आई। खुदाई के दौरान मिला यह कंकाल ‘शेल मिड्ड’ (पुराने समय के शिकारियों द्वारा फेंके गए सीपियों का ढेर) के नीचे दबा हुआ था। मेंडेज़ ने बताया कि ये शख्स सीपियों की एक परत के नीचे करवट लेकर लेटा हुआ था. वैज्ञानिक विश्लेषण से पता चला है कि मौत के वक्त इस शख्स की उम्र 40 से 45 साल के बीच रही होगी. उस काल के अनुसार इसे दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन माना जा सकता है। वह पूरी तरह से फिट थे और उनके दांतों की मजबूती विशेषज्ञों को हैरान कर रही है. जांच में यह भी पता चला कि वह टूटी हुई पसली के दर्द से उबर चुके थे, यानी उनके शरीर में घाव भरने की अद्भुत क्षमता थी। उनके आहार के विश्लेषण से पता चला कि वह मुख्य रूप से मछली और समुद्री भोजन पर निर्भर थे।

सीज़र मेंडेज़ ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उस आदमी के शरीर में नाइट्रोजन का स्तर उच्च था, जो अक्सर उन लोगों में पाया जाता है जो बहुत अधिक समुद्री भोजन खाते हैं। वह शायद समुद्री शेरों और मछलियों का शिकार करना बहुत अच्छे से जानता था। इतना ही नहीं, यही वह काल था जब विशालकाय ‘नोटोमास्टोडन प्लैटेंसिस’ (हाथियों का पूर्वज) भी पृथ्वी पर मौजूद था। हालाँकि, तब तक ये विशालकाय जीव विलुप्त होने की कगार पर थे, इसलिए ये इस व्यक्ति के आहार का मुख्य हिस्सा नहीं थे। आश्चर्य की बात यह है कि 12,000 साल पहले रहने वाला यह ‘होमो सेपियंस सेपियंस’ शारीरिक और मानसिक रूप से आज के इंसानों से ज्यादा अलग नहीं था। मेंडेज़ का कहना है कि उनमें वे सभी शारीरिक, संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमताएं थीं जो आज हमारे पास हैं।
वह दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में प्रवेश करने वाली पहली आबादी का हिस्सा थे। वह जानता था कि समुद्री शेरों का शिकार कैसे करना है और समुद्र तट पर सुरक्षित कैसे रहना है। भले ही यह कंकाल लगभग एक दशक पहले निकाला गया था, लेकिन यह क्षेत्र आज भी पुरातत्वविदों के लिए शोध का केंद्र बना हुआ है। लॉस विलोस क्षेत्र में सैकड़ों स्थान हैं जहाँ प्राचीन मानव सभ्यताओं के अवशेष दफ़न हो सकते हैं। मेंडेज़ का सवाल है कि अगर इतना महत्वपूर्ण सुराग एक जगह से मिल सकता है तो ऐसे कितने पुरुष और महिलाएं मिट्टी के नीचे दबे होंगे जो हमें हमारे पूर्वजों के बारे में और भी आश्चर्यजनक जानकारी दे सकते हैं। इस खोज से साबित होता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद प्राचीन मानव शारीरिक रूप से आज की तुलना में अधिक सक्षम और मजबूत थे।
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न्यूज18 हिंदी (नेटवर्क 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत। इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रीजनल सिनेमा के प्रभारी। डेढ़ दशक से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय। नेटवर्क 18, टाइम्स ग्रुप के अलावा…और पढ़ें











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