
यह हेडलाइन एक हालिया घटना पर आधारित है, जो 7 जनवरी 2026 को हुई। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अमेरिका से डिपोर्ट किए गए एक कुख्यात गैंगस्टर को भारत लाते ही गिरफ्तार कर लिया। आइए सभी मुख्य पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं:
- गैंगस्टर का नाम और बैकग्राउंड:
- नाम: अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल (Aman Kumar alias Aman Bhainswal)।
- मूल स्थान: हरियाणा का सोनीपत जिला।
- वह एक कुख्यात अपराधी है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रमुख सदस्य माना जाता है। कुछ रिपोर्ट्स में उसे रोहित गोदारा-हिमांशु भाऊ गैंग का शार्पशूटर भी बताया गया है।
- उसके खिलाफ हरियाणा और दिल्ली-NCR में 10 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, फायरिंग, रंगदारी (एक्सटॉर्शन), अवैध हथियार और दंगा शामिल हैं।
- हालिया उदाहरण: रोहतक के सांपला में एक हलवाई की दुकान (सीताराम हलवाई या मातूराम हलवाई) पर फायरिंग कर 1-2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगना।
- वह विदेश कैसे भागा?:
- पहले भारत में गिरफ्तार हुआ था, लेकिन जमानत पर छूट गया।
- जमानत के बाद ट्रायल का सामना नहीं किया और फरार हो गया।
- फर्जी दस्तावेजों से दिल्ली के मयूर विहार के फर्जी पते पर अमन कुमार नाम से पासपोर्ट बनवाया।
- 2024-2025 में पहले कुवैत गया, फिर अमेरिका भाग गया।
- गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया:
- हरियाणा STF ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया, रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) इंटरपोल से करवाया और उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया।
- CBI ने गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और इंटरपोल के साथ समन्वय किया।
- अमेरिका में उसे करीब 2 महीने पहले डिटेन किया गया था।
- अंततः 7 जनवरी 2026 को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाया गया।
- दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर उतरते ही STF की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
- STF की यह कितनी बड़ी सफलता है?:
- यह हरियाणा STF की 2025 से अब तक की छठी बड़ी डिपोर्टेशन सफलता है।
- अमेरिका से यह दूसरी सफल डिपोर्टेशन है (पहली अक्टूबर 2025 में लखविंदर सिंह उर्फ लाखा की हुई थी)।
- STF ने अब तक 8-11 से ज्यादा विदेश भागे गैंगस्टर्स को वापस लाया है, जैसे फिलीपींस, आर्मेनिया, कजाकिस्तान, कंबोडिया आदि से।
- इससे विदेश बैठे गैंगस्टर्स के नेटवर्क पर असर पड़ेगा और रंगदारी के मामलों में कमी आएगी।
- आगे क्या होगा?:
- अमन भैंसवाल को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा।
- पूछताछ में उसके साथियों, विदेशी आकाओं और गैंग नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।
- इससे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए वांछित गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को भारत लाकर गिरफ्तार कर लिया गया है। वह रोहित गोदारा गैंग का करीबी सदस्य था और उसके खिलाफ हरियाणा तथा दिल्ली-NCR में हत्या, हत्या की कोशिश, फायरिंग, रंगदारी, अवैध हथियार और पासपोर्ट धोखाधड़ी सहित कुल 10 गंभीर मामले दर्ज हैं।
लगभग दो साल पहले गोहाना में मातू राम हलवाई की दुकान पर गोलीबारी कर उसने दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। कोविड महामारी के बाद से वह STF के रडार पर था और पिछले डेढ़ साल से उसकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी।
अमन भैंसवाल ने फर्जी दस्तावेजों से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 के पते पर अमन कुमार नाम से पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर 20 जून 2024 को वह पहले कुवैत भागा, फिर दुबई होते हुए अमेरिका पहुंचा। STF ने इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था और उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
अमेरिका में उसकी लोकेशन ट्रेस होने के बाद उसे वहां डिटेन किया गया। बुधवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही STF ने उसे हिरासत में ले लिया।
यह साल 2025-26 में विदेश से डिपोर्ट किया गया छठा गैंगस्टर है और अमेरिका से दूसरा मामला है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लखविंदर उर्फ लक्खा को अमेरिका से लाया गया था। STF के आईजी बी. सतीश बालन ने बताया कि यह सफलता अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय का परिणाम है।
STF ने गैंग नेटवर्क को तोड़ने के लिए तीन स्तरीय रणनीति अपनाई—फंडिंग करने वालों, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वालों और नए शूटर्स की पहचान कर उन्हें निशाना बनाया गया। अमन भैंसवाल का नेटवर्क सोनीपत, रोहतक, झज्जर और NCR क्षेत्र में फैला था। उसके खिलाफ रोहतक, सोनीपत, बहादुरगढ़, गोहाना, दिल्ली स्पेशल सेल समेत कई थानों में मामले दर्ज हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और यह कदम संगठित अपराध पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पासपोर्ट धोखाधड़ी के लिए भी उसके खिलाफ अलग मामला दर्ज किया गया है तथा सहयोगियों की भूमिका की जांच चल रही है।
यह घटना भारत की पुलिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग का अच्छा उदाहरण है, जो विदेश भागे अपराधियों पर शिकंजा कस रही हैं। अगर और कोई स्पेसिफिक पॉइंट जानना हो तो बताएं!



