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आज हम आपको दुनिया के सबसे गहरे स्विमिंग पूल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने डाइविंग की परिभाषा ही बदल दी है। 60 मीटर की गहराई और अंदर स्थित एक ‘धँसा हुआ शहर’, यह इंजीनियरिंग का चमत्कार है जिसे देखने के लिए आज भी दुनिया भर से लोग आते हैं। जानिए यह कहां बनता है?

दुनियाभर में कई ऐसे अजूबे हैं जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है। इनमें से कुछ अजूबे प्रकृति द्वारा बनाए गए हैं, जबकि कुछ इंसानों द्वारा बनाए गए हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही अजूबे के बारे में बताने जा रहे हैं। वो अजूबा है दुनिया का सबसे गहरा स्विमिंग पूल, लेकिन क्या आप जानते हैं ये पूल कहां बना है और कितना गहरा है? आज हम आपको बताते हैं. यह पूल दुबई में बना है, जिसका नाम ‘डीप डाइव दुबई’ है। साल 2021 में जब दुबई ने इस पूल को दुनिया के सामने पेश किया तो इसने न सिर्फ एक नया ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बनाया बल्कि वास्तुकला की सीमाओं को भी चुनौती दी। 60.02 मीटर (करीब 197 फीट) की गहराई वाला यह पूल आज भी दुनिया का सबसे गहरा स्विमिंग पूल बना हुआ है।
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन हम आपको बता दें कि यह किसी भी अन्य डाइविंग पूल से कम से कम 15 मीटर गहरा है। इसमें 14 मिलियन लीटर ताज़ा पानी भरा हुआ है, जो छह ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल की कुल क्षमता के बराबर है। वर्षों बीत जाने के बाद भी इस कुंड का रोमांच कम नहीं हुआ है और गोताखोरों के लिए यह आज भी जादुई दुनिया बना हुआ है। हालाँकि, इस विशाल डाइविंग सेंटर का डिज़ाइन किसी साधारण पूल जैसा नहीं है। इसे ‘सीप’ का आकार दिया गया है. यह डिज़ाइन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की मोती गोताखोरी की प्राचीन और गौरवशाली विरासत को श्रद्धांजलि देता है। जब आप पूल के अंदर जाते हैं तो ‘सनकेन सिटी’ (डूबा हुआ शहर) का नजारा आपको किसी दूसरे ग्रह पर ले जाता है।

यहां गोता लगाना सिर्फ पानी में उतरना नहीं है, बल्कि पूरी सभ्यता की खोज करने जैसा है। गोताखोर पानी के नीचे परित्यक्त कारों, अपार्टमेंटों, पुस्तकालयों और यहां तक कि आर्केड गेम का आनंद ले सकते हैं। विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए ध्वनि और प्रकाश प्रभाव अनुभव को और भी अधिक सिनेमाई बनाते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों के पास दो तरह के एडवेंचर का विकल्प होता है। जो लोग टैंक के साथ गोता लगाना चाहते हैं उनके लिए ‘स्कूबा डाइविंग’ का विकल्प है और जो लोग अपनी क्षमताओं का परीक्षण करना चाहते हैं उनके लिए ‘फ्री डाइविंग’ (बिना ऑक्सीजन टैंक के) का विकल्प है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गहराई में उतरने के दौरान रास्ते में दो ‘हवा से भरे सूखे कमरे’ बनाए गए हैं। ये ऐसे स्थान हैं जहां गोताखोर रुक सकते हैं और सांस ले सकते हैं और पानी के नीचे शुष्क भूमि का अनुभव कर सकते हैं।

इसके अलावा पूल के अंदर सबसे बड़ा ‘अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो’ भी है। गोताखोरी के दृश्यों को शूट करने के लिए उन्नत प्रकाश व्यवस्था और 56 कैमरों का एक नेटवर्क है। पूल की तकनीक आज भी दुनिया में बेजोड़ है। पानी का तापमान हमेशा 30 डिग्री सेल्सियस पर नियंत्रित किया जाता है, ताकि गोताखोरों को किसी भी मौसम में ठंड महसूस न हो। पानी की सफाई का स्तर इतना ऊंचा है कि नासा द्वारा विकसित फिल्टर तकनीक हर छह घंटे में पूरे पानी को साफ कर देती है। यहां का स्टाफ दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ गोताखोरों से बना है, जो शुरुआती लोगों को गोताखोरी कौशल सिखाते हैं। पूल के बाहर बैठे दर्शकों के लिए बड़ी-बड़ी कांच की दीवारें लगाई गई हैं, जहां से वे अपने दोस्तों या परिवार को 60 मीटर की गहराई पर करतब दिखाते हुए देख सकते हैं। ‘डीप डाइव दुबई’ ने साबित कर दिया है कि दुबई केवल रेत पर ऊंची इमारतें बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पानी की गहराई में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।
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न्यूज18 हिंदी (नेटवर्क 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत। इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रीजनल सिनेमा के प्रभारी। डेढ़ दशक से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय। नेटवर्क 18, टाइम्स ग्रुप के अलावा…और पढ़ें











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