रात में बच्चे को जन्म दिया। सुबह होते ही मां बन गई छात्रा और नवजात को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंच गई! सभी ने जज्बे को सलाम किया

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ऐसा ही एक मामला जमुई से सामने आया है. जिसने सभी को हैरान कर दिया है. जहां एक परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा नवजात शिशु को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंची. बताया जा रहा है कि उसने रात में बच्चे को जन्म दिया और सुबह परीक्षा देने चली गई.

जमुई. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जिले समेत राज्य भर में इंटरमीडिएट की परीक्षा आयोजित की जा रही है. जिसमें बड़ी संख्या में छात्र भाग ले रहे हैं. छात्र साल भर परीक्षा की तैयारी करते हैं और फिर परीक्षा में शामिल होते हैं। कई बार कुछ कारणों से छात्रों को परीक्षा छोड़नी पड़ती है। तो वहीं कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जो थोड़ी परेशानी के बाद परीक्षा छोड़ने का फैसला कर लेते हैं। लेकिन जमुई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई इसकी सराहना कर रहा है. दरअसल, एक छात्रा ने देर शाम बच्चे को जन्म दिया, जहां डॉक्टर से लेकर परिजन उसकी सेहत को लेकर चिंतित थे और उसे परीक्षा छोड़ने की सलाह दे रहे थे, तभी छात्रा ने ऐसा कदम उठाया कि अब लोग उसकी सराहना कर रहे हैं.

यह पूरा मामला जमुई जिले के सोनो प्रखंड क्षेत्र से सामने आया है. जहां एक परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा नवजात शिशु को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंची. दरअसल, जमुई जिले के सोनो स्थित प्लस टू राज्य संपोषित उच्च विद्यालय सोनो में इंटरमीडिएट परीक्षा का केंद्र बनाया गया है. जहां जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय पांडेडीह की छात्रा खुशबू कुमारी भी परीक्षा दे रही है. इसी दौरान वह बच्चों को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंची थी. बताया जा रहा है कि उन्हें कल शाम प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। बच्चे को जन्म देने के बाद डॉक्टर खुशबू को आराम करने की सलाह दे रहे थे.

खुशबू परीक्षा नहीं छोड़ना चाहती थी
एक तरफ जहां डॉक्टर ने खुशबू को परीक्षा से आराम लेने की सलाह दी थी, वहीं दूसरी तरफ खुशबू के घरवाले भी चाहते थे कि वह परीक्षा न देकर अगले साल दोबारा इंटरमीडिएट की परीक्षा दे. लेकिन खुशबू अपनी परीक्षा छोड़ने को तैयार नहीं थी, इसके बाद उसने फैसला लिया और अपने नवजात बच्चे को गोद में लेकर परीक्षा केंद्र पहुंच गई. इधर, केंद्र पर नवजात के साथ छात्रा को देख शिक्षक समेत केंद्राधीक्षक भी हैरान रह गये. केंद्राधीक्षक लक्ष्मीकांत पांडे ने खुशबू के लिए कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायीं. खुशबू ने अन्य अभ्यर्थियों की तरह अपनी सीट पर बैठकर परीक्षा दी. मामला सामने आने के बाद अब लोग छात्र के इस फैसले की सराहना कर रहे हैं.

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मोहम्मद माजिद

पत्रकारिता में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव। 2023 से नेटवर्क 18 के साथ जुड़े हुए मुझे ढाई साल हो गए हैं। वर्तमान में नेटवर्क 18 में वरिष्ठ कंटेंट एडिटर के रूप में काम कर रहा हूं। यहां, मैं कवर हूं…और पढ़ें

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रात में हुआ बच्चे का जन्म, छात्रा बनी मां और सुबह नवजात को गोद में लेकर परीक्षा केंद्र पहुंची!

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