बिहार का अजूबा पुल! 10 साल पहले नदी पर बना पुल..दोनों तरफ की एप्रोच रोड गायब, देखकर आप भी कहेंगे इंजीनियरिंग क्या होती है?

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बिहार ब्रिज न्यूज़: अररिया के कोचगामा गांव में बेलवा नदी पर बना पुल दस वर्षों से बिना एप्रोच रोड के बेकार पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को बरसात के मौसम में 15 किलोमीटर की दूरी तय कर नाव का सहारा लेना पड़ता है.

अररिया: अररिया जिले के कुसियारगांव पंचायत अंतर्गत कोचगामा गांव अररिया-पूर्णिया फोरलेन एनएच-57 से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. यहां बेलवा (कोसी धार) नदी पर 2.56 करोड़ रुपये की लागत से 58.62 मीटर लंबे पुल का शिलान्यास वर्ष 2015 में किया गया था, जिसे 16 जून 2016 तक पूरा करना था. पुल का निर्माण तो समय पर हो गया, लेकिन आज तक ‘एप्रोच रोड’ नहीं बनने के कारण यह पुल करीब दस साल से ऐसे ही पड़ा हुआ है. करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी यहां से आवक बंद है।

संपर्क पथ के अभाव में ग्रामीणों को राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने के लिए 500 मीटर की जगह 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है. साल में लगभग पांच महीने बरसात के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब लोगों को नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता है। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

हम अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं
स्थानीय लोग मोहम्मद मोजम, फुलेसर कुमार व खुशबू कुमारी ने बताया कि पुल निर्माण के बाद एप्रोच पथ बनाये बिना ही ठेकेदार काम छोड़ कर फरार हो गया है. इसके बाद न तो प्रशासन और न ही जन प्रतिनिधियों ने कोई ठोस पहल की. मजबूरी यह है कि आज भी ग्रामीण नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जब स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यात्रा करना जानलेवा हो जाता है।

बताया जाता है कि एप्रोच पथ के रास्ते में निजी जमीन आने से भी काम बाधित है. एप्रोच रोड बनने से अररिया, जोकीहाट और पूर्णिया जिले के करीब 60 गांवों के एक लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, कुसियारगांव रेलवे स्टेशन तक पहुंच आसान हो जायेगी और बंगाल जाना भी आसान हो जायेगा.

निजी जमीन बनी बाधा
एनएच को कोचगामा से जोड़ने के लिए सड़क के लिए जमीन भी है, लेकिन सीधी सड़क पर पुल बनाने के बजाय 25 मीटर की दूरी पर पुल बना दिया गया. इससे पुल के सामने निजी जमीन आ गई।

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मोहम्मद माजिद

पत्रकारिता में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव। 2023 से नेटवर्क 18 के साथ जुड़े हुए मुझे ढाई साल हो गए हैं। वर्तमान में नेटवर्क 18 में वरिष्ठ कंटेंट एडिटर के रूप में काम कर रहा हूं। यहां, मैं कवर हूं…और पढ़ें

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