गुफा में रिसर्च कर रहे थे वैज्ञानिक, दीवार पर दिखे अजीब निशान, जांच की तो खुला 67 हजार साल पुराना राज!

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वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे पुरानी कला की खोज की है। इसकी आयु 67,800 वर्ष बताई जाती है। शोधकर्ता इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में शोध कर रहे थे। तभी उन्हें ये तस्वीरें मिलीं.

गुफा में रिसर्च कर रहे थे वैज्ञानिक, दीवार पर दिखे अजीब निशान!वैज्ञानिकों को गुफा में कला मिली। (फोटो: ग्रिफ़िथ यूनिवर्सिटी)

हमारी पृथ्वी कितनी पुरानी है, इस पर जीव-जंतु कब रहने लगे, इंसानों का विकास कब हुआ… ये सभी सवाल बेहद दिलचस्प हैं। किताबों में पढ़कर ही आश्चर्य होता है. लेकिन जब इन सवालों से जुड़े जवाब हकीकत में देखने को मिलते हैं तो होश उड़ जाते हैं. ऐसा ही कुछ हाल ही में हुआ जब वैज्ञानिक एक गुफा में रिसर्च कर रहे थे। उन्होंने दीवार पर एक अजीब सा निशान देखा। जब निशान की जांच की गई तो 67 हजार साल पुराना एक ऐसा राज खुला, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।

डेली स्टार न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे पुरानी कला की खोज की है। इसकी आयु 67,800 वर्ष बताई जाती है। शोधकर्ता इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में शोध कर रहे थे। जब उन्हें एक प्राचीन सभ्यता के बारे में पता चला। अब ये बात सामने आई है कि इस आइलैंड पर जो लोग रहते थे वो हमारी सोच से कहीं ज्यादा उम्र के हैं.

67 हजार साल पुरानी तस्वीरें मिलीं
अब इस पेंटिंग की जांच की जा रही है. पहले माना जा रहा था कि यह 1000 साल पुराना होगा, लेकिन रिसर्च ने इसे भी गलत साबित कर दिया। वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि आज के लोगों ने जितना सोचा था उससे कहीं पहले ही मनुष्य दक्षिण पूर्व क्षेत्र में पहुँच गये थे। बीबीसी के मुताबिक, हाथ से बनी एक रूपरेखा दिख रही थी जो दीवार पर फैली हुई थी. इसे देखकर ऐसा लगता है कि यह किसी कील या नुकीले हाथ की तस्वीर बनाने की कोशिश थी. अगर वैज्ञानिक इसके बारे में कुछ ठोस जान पाए तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि इससे हमें उस समय के लोगों की सोच के बारे में पता चल जाएगा।

ये तस्वीरें बेहद खास हैं
इससे पहले ऐसी ही एक पेंटिंग स्पेन में मिली थी, जो अब तक की सबसे पुरानी कला मानी गई थी, जो 1100 साल पुरानी थी. इंडोनेशिया द्वीप पर ही किए गए शोध से पता चलता है कि उस समय के लोगों की कल्पना शक्ति बहुत अधिक थी और वह सभ्यता बहुत बुद्धिमान रही होगी। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि गुफाओं में बनी ये पेंटिंग्स बताती हैं कि मानवता की शुरुआत एक दायरे से बाहर हुई थी। इस तरह उन्होंने अपने दिमाग का अलग तरीके से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. इन तस्वीरों से हम ये भी समझ सकते हैं कि उस वक्त लोग कैसे सोच रहे थे और क्या हो रहा था. गुफा में जो कुछ भी मिला है उसे नेचर नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है. यह शोध ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर एडम ब्रूम ने किया है।

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आशुतोष अस्थाना

आशुतोष अस्थाना न्यूज18 हिंदी वेबसाइट के ऑफबीट सेक्शन में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. यहां वह दुनिया की अजीबोगरीब खबरें, अनोखे तथ्य और सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग न्यूज को कवर करते हैं। आशुतोष को चाहिए डिजिटल…और पढ़ें

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