साँप तथ्य: सर्दी के मौसम का साँपों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, उनकी गतिविधियाँ सीमित हो जाती हैं। कानन पेंडारी जू के विशेषज्ञ डॉ. पीके चंदन बताते हैं कि सांपों में थर्मो रेगुलेटरी सिस्टम नहीं होता, इसलिए उनका शरीर वातावरण के तापमान पर निर्भर करता है। ठंड में वे सुस्त हो जाते हैं, कम खाते हैं और सुरक्षित, गर्म स्थानों में छिप जाते हैं। कई प्रजातियाँ एक से दो महीने तक शीतनिद्रा जैसी अवस्था में रहती हैं। इस दौरान वे ऊर्जा बचाते हैं और खुद को ठंड से बचाते हैं।
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