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क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां पिछले चार सालों से दुनिया के एक हिस्से में बारिश नहीं हुई है। इस जगह पर कोई भी जीवन नहीं होना चाहिए था, लेकिन इसके बावजूद यहां की खूबसूरती इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक बनाती है। हम बात कर रहे हैं चिली के अटाकामा रेगिस्तान की।
यह जगह सक्रिय ज्वालामुखियों के बीच स्थित है (इमेज- फाइल फोटो) क्या आपने कभी सोचा है कि एक जगह ऐसी भी हो सकती है जहां सैकड़ों सालों तक बारिश नहीं होती, लेकिन वहां कोई प्यास से नहीं मरता? जी हाँ, ऐसी ही एक चमत्कारी जगह है चिली का अटाकामा रेगिस्तान! यह दुनिया का सबसे शुष्क गैर-ध्रुवीय रेगिस्तान है, जहां कुछ क्षेत्रों में 400 से अधिक वर्षों से बारिश की एक बूंद भी दर्ज नहीं की गई है।
कुछ मौसम केंद्रों पर कभी भी बारिश दर्ज नहीं की गई है। फिर भी यह जगह पर्यटकों की पहली पसंद बनी हुई है और नासा के वैज्ञानिकों की सबसे पसंदीदा जगह है। नासा इसी स्थान पर अपने मंगल अभियानों के लिए परीक्षण करता है। अगर गौर से देखा जाए तो यह जगह वाकई धरती के मंगल ग्रह जैसी दिखती है।
यह क्षेत्र अत्यंत शुष्क है
अटाकामा रेगिस्तान चिली के उत्तरी भाग में फैला हुआ है, जो प्रशांत महासागर और एंडीज़ पर्वत के तटों के बीच स्थित है। यहाँ शुष्कता का कारण दोहरा ‘वर्षा छाया’ प्रभाव है। एक तरफ, एंडीज़ पर्वत पूर्व से आने वाले बारिश के बादलों को रोकते हैं और दूसरी तरफ, ठंडी हम्बोल्ट धारा प्रशांत महासागर से आने वाली नमी को अवशोषित करती है। नतीजा? औसत वार्षिक वर्षा केवल 1-15 मिमी और कुछ स्थानों पर 0.03 इंच तक होती है! कैलम शहर में 1570 से 1971 तक यानी 400 से अधिक वर्षों तक कोई बड़ी वर्षा नहीं हुई। लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि यहां जीवन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। यहां राजहंस, लामा, विकुना जैसे जानवर विचरण करते हैं। नमक के मैदानों में पानी की झीलें हैं, जहां हजारों राजहंस इकट्ठा होते हैं। यहां की खूबसूरती इतनी अनोखी है कि इसे ‘वैले ऑफ द मून’ (वेले डे ला लूना) यानी चांद जैसा परिदृश्य कहा जाता है! यहां के लाल रेत के टीले, फटी जमीन और सक्रिय ज्वालामुखी इसे और भी रहस्यमय बनाते हैं।
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