जौनपुर: जिले से एक अनोखा और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में रिश्तों, त्याग और समझदारी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. यह कहानी है पम्पी प्रजापति, तंजय प्रजापति और राजू बैरागी की। जौनपुर के जलालपुर निवासी पम्पी प्रजापति की शादी साल 2022 में मिर्ज़ापुर निवासी तंजय प्रजापति से हुई थी। शादी के बाद पम्मी ने एक बेटे को जन्म दिया, जो अब करीब तीन साल का है। शुरुआत में शादीशुदा जिंदगी सामान्य थी, लेकिन समय के साथ पम्पी और तंजय के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। इसी दौरान पम्पी राजू बैरागी के संपर्क में आई, जो बाद में प्रेम प्रसंग में बदल गई।
कुछ देर बाद पम्पी अपने प्रेमी राजू बैरागी के साथ वापस चली गई. इस घटना के बाद मामला परिवार और समाज के सामने आ गया. हालाँकि, इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला और भावनात्मक पहलू तब सामने आया जब पति तंजय प्रजापति ने स्थिति को खराब करने के बजाय समझदारी और शांति से मामले को सुलझाने का फैसला किया।
प्रेमी के साथ शादी में शामिल हुआ पति
पम्पी और राजू ने आपसी सहमति से मंदिर में शादी करने का फैसला किया। इस शादी के दौरान सबसे अनोखा नजारा तब देखने को मिला, जब पति तंजय प्रजापति खुद वहां मौजूद रहे और अपनी पत्नी को नई जिंदगी की शुरुआत पर आशीर्वाद दिया. मंदिर में प्रेमी राजू बैरागी ने पम्पी की मांग में सिन्दूर लगाया और पति तंजय ने बिना किसी विरोध के इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और दोनों के सुखी जीवन की कामना की.
बेटा पिता के साथ रहेगा
इस फैसले से यह भी तय हो गया कि पम्पी और तंजय का तीन साल का बेटा अब अपने पिता के साथ रहेगा. तंजय ने बच्चे की जिम्मेदारी खुद लेने का फैसला किया, ताकि उनके बेटे का भविष्य सुरक्षित और स्थिर रह सके। लोगों ने इस फैसले को पिता के महान त्याग और प्रगाढ़ प्रेम के रूप में भी देखा।
यह घटना जहां एक ओर सामाजिक परंपराओं से अलग लगती है, वहीं दूसरी ओर आपसी सहमति, सम्मान और जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश करती है. पति द्वारा पत्नी के नये रिश्ते को स्वीकार करना और आशीर्वाद देना समाज में दुर्लभ माना जाता है। वहीं पत्नी के लिए अपने नए प्यार के साथ जिंदगी की शुरुआत करना एक साहसिक कदम माना जा रहा है.
प्रेम और त्याग की नई मिसाल
फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. कुछ लोग इसे रिश्तों की नई परिभाषा बता रहे हैं तो कुछ इसे पारिवारिक मूल्यों पर सवाल के तौर पर देख रहे हैं. लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि ये कहानी प्यार, त्याग और समझदारी की अनोखी मिसाल बनकर उभरी है।











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