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मुंबई का भिंडी बाजार किसी पहचान का मोहताज नहीं है. यहां पुराने सामान और हार्डवेयर आइटम सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। लेकिन क्या इस जगह का नाम भिंडी की सब्जी के नाम पर रखा गया या इसकी कोई और वजह है? इस बात का खुलासा मशहूर शेफ रणवीर बरार ने किया है.
भिंडी बाज़ार ब्रिटिश नामकरण का हिंदी संस्करण है (छवि- फ़ाइल फोटो) मुंबई का भिंडी बाजार दक्षिण मुंबई का एक इलाका है जो सदियों से अपनी अनूठी पहचान रखता है। यहां पुराने सामान, हार्डवेयर, प्राचीन वस्तुएं, आभूषण और कई अन्य चीजें सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। संकरी सड़कें, भीड़, दुकानदारों की पुकार और पुरानी इमारतें, सब मिलकर इसे मुंबई में एक जीवंत सैर बनाते हैं।
लेकिन सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात है इस मार्केट का नाम. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि भिंडी (भिंडी/भिंडी) की खेती या बिक्री यहीं की जाती थी, इसलिए इसका नाम ‘भिंडी बाजार’ पड़ा। लेकिन यह पूरी तरह ग़लतफ़हमी है! हाल ही में मशहूर शेफ और फूड हिस्टोरियन रणवीर बरार ने अपने इंस्टाग्राम रील पर इस मिथक को तोड़ते हुए एक बड़ा खुलासा किया।
इसे यह नाम क्यों मिला?
अपने एक वीडियो में शेफ ने बताया कि ब्रिटिश राज के दौरान क्रॉफर्ड मार्केट के दक्षिण में रहने वाले अंग्रेज इस क्षेत्र को ‘बाजार के पीछे’ कहते थे, क्योंकि यह मार्केट के ठीक पीछे (उत्तर में) स्थित था। समय के साथ स्थानीय लोग इसे अपनी भाषा में ‘भिंडी बाज़ार’ कहने लगे। ‘पीछे’ का उच्चारण ‘भिंड’ जैसा हो गया और ‘बाज़ार’ वही रह गया। यह नाम इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी इसका उपयोग किया जाता है। रणवीर बरार ने वीडियो में भिंडी काटते हुए इस बात को मजाकिया अंदाज में बताया, ताकि लोग समझ सकें कि नाम का सब्जी से कोई लेना-देना नहीं है. उनका ये खुलासा वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे शेयर किया. बराड़ ने कहा, ‘भिंडी बाजार नाम सुनकर ऐसा लगता है कि यहां भिंडी बिकती होगी, लेकिन यह सिर्फ एक भाषाई मोड़ है।’
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